1. वेदान्तसार के मंगलाचरण में क्या अभीष्ट सिद्धि है?
2. वेदान्तसार के लेखक तथा उनके गुरु का क्या नाम है?
3. शारीरकसूत्र से क्या अभिप्राय है?
4. अनुबन्ध चतुष्टय से क्या अभिप्राय है?
5. “नामोपनिषत्प्रमाणं तदुपकारीणिशारीरकसूत्रादीनि च” यह किसका लक्षण है?
6. साधनचतुष्टय से क्या अभिप्राय है?
7. सही क्रम बनाओं?
a. नित्यकर्म स्वर्गादीष्टसाधनानि ज्योतिष्टोमादीनि
b. नैमित्तिककर्म नरकाद्यनिष्टसाधनानि ब्राह्मणहननादीनि
c. काम्यकर्म अकरणे प्रत्यवायसाधनानि सन्ध्यावन्दनादीनि
d. उपासनकर्म पुत्रजन्माद्यनुबन्धीनि जातेष्ट्यादीनि
e. नित्यकर्म पापक्षयसाधनानि चान्द्रायणादीनि
f. प्रायश्चित्तकर्म सगुणब्रह्मविषयमानसव्यापाररूपाणि शाण्डिल्यविद्यादीनि
8. कर्म द्वारा कौन-सा लोक प्राप्त होता है?
9. विद्या द्वारा कौन-सा लोक प्राप्त होता है?
10.नित्य वस्तु से क्या अभिप्राय है?
11.अनित्य वस्तु से क्या अभिप्राय है?
12.सही क्रम-
a. तितिक्षा श्रवणादिव्यतिरिक्तविषयेभ्यो मनसो निग्रहः
b. श्रद्धा बाह्येन्द्रियाणां तद्व्यतिरिक्तविषयेभ्यो निवर्तनम्
c. समाधि निवर्तितानामेतेषां तद्व्यतिरिक्तविषयेभ्य उपरमणमुपरतिरथवा
विहितानां कर्मणां विधिना परित्यागः
d. शम शीतोष्णादिद्वन्द्वसहिष्णुता
e. दम निगृहीतस्य मनसः श्रवणादौ तदनुगुणविषये च समाधिः
f. उपरति गुरूपदिष्टवेदान्तवाक्येषु विश्वासः
13.मोक्ष का लक्षण क्या है?
14.वेदान्तसार का विषय क्या है?
15.वेदान्तसार में किस प्रकार का सम्बन्ध है?
16.“वस्तुनि अवस्त्वारोपः” यह किसका लक्षण है?
17.त्रिगुणात्मकम् तथा ज्ञानविरोधि यह विशेषण किसके है?
18.अज्ञान के कितने भेद है?
19.वन को किस के अन्तर्गत माना है?
20.जल की समष्टि क्या है?
21.उत्कृष्ट उपाधि किसकी है?
22.मलिनसत्त्वप्रधाना” यह किसका विशेषण है?
23.प्राज्ञ किसके लिए कहा गया है?
24.तुरीय शब्द किसके लिए प्रयुक्त है?
25.अज्ञान की कितनी शक्ति है?
26.आच्छादन करना किस शक्ति का कार्य है?
27.विक्षेप शक्ति क्या करती है?
28.अज्ञानोपहित चैतन्य स्वप्रधानता के कारण कौन-सा कारण है?
29.लूता किसकी प्रधानत से उपादान कारण होती है?
30.विक्षेप शक्ति में कौन-से गुण की प्रधानता होती है?
31.अग्नि से क्या उत्पन्न होता है?
32.वायु किसका जनक है?
33.सही क्रम
A. तत्त्वमसि अथर्ववेद
B. प्रज्ञानं ब्रह्म यजुर्वेद
C. अहं ब्रह्मास्मि ऋग्वेद
D. अयमात्मा ब्रह्म सामवेद
34.आकाश आदि में तमोगुण की प्रधानता कैसे ज्ञात होती है।
35.वेदान्तसार में सूक्ष्मशरीर के कितने अवयव है?
36.ज्ञानेन्द्रियाँ आकाशादि के सात्त्विक, राजसिक या तामसिक अंश से उत्पन्न होती है?
37. ज्ञानेन्द्रियाँ आकाशादि के अंश से किस प्रकार उत्पन्न होती है? अलग-अलग या एक साथ
38.बुद्धि का लक्षण क्या है?
39.मन का क्या लक्षण?
40.चित्त और अहंकार का अन्तर्भाव किसमें होता है?
41.बुद्धि-मन-अहंकार-चित्त अकाशादि के किस अंश से उत्पन्न होते है? सात्त्विक-तामसिक-राजसिक।
42.विज्ञानमय कोश क्या है?
43.ज्ञानमय कोश क्या है?
44.प्राणमय कोश क्या है?
45.कौन सा कोश जीव नाम से कहा जाता है?
46.कर्मेन्द्रियाँ आकाशादि के सात्त्विक, राजसिक या तामसिक अंश से उत्पन्न होती है?
47.पञ्चप्राण के अपर नाम क्या है?
48.सही क्रम-
a. व्यान प्राग्गमनवान्नासाग्रस्थानवर्ती
b. उदान अवाग्गमनवान्पाय्वादिस्थानवर्ती
c. समान विष्वग्गमनवानखिलशरीरवर्ती
d. प्राण कण्ठस्थानीय ऊर्ध्वगमनवानुत्क्रमणवायुः
e. अपान शरीरमध्यगताशितपीतान्नादिसमीकरणकरः
49.सही क्रम-
i. कृकल उद्गिरणकरः ।
ii. देवदत्त उन्मीलनकरः ।
iii. कूर्म क्षुत्करः ।
iv. नाग जृम्भणकरः ।
v. धनञ्जयः पोषणकरः ॥
50.पञ्चप्राण आकाशादि के सात्त्विक, राजसिक या तामसिक अंश से उत्पन्न
51.सही क्रम्-
a. प्राणमय ज्ञानशक्तिमान्
b. ज्ञानमय इच्छाशक्तिमान्
c. मनोमय क्रियाशक्तिमान्
52.सही क्रम
a. मनोमय कर्तृरूपः
b. प्राणमय करणरूपः
c. ज्ञानमय कार्यरूपः
53.तीनों कोशों से मिलकर क्या बनता है?
54.पञ्चीकृत तथा अपञ्चीकृत से क्या अभिप्राय ह?
55.पञ्चीकृत वायु में वायु का अंश कितना है?
56.पञ्चीकृत जल में आकाश का अंश कितना है?
57.त्रिवृत्करण से क्या अभिप्राय है?
58.पञ्चीकृत महाभूतों से क्या उत्पन्न होता है?
59.स्थूल शरीर कितने है नामसहित?
60.अधिष्ठातृ देवता लिखियें?
a. श्रोत
b. त्वक्
c. चक्षु
d. रसना
e. घ्राण
f. वाक्
g. पाणि
h. पाद
i. पायु
j. उपस्थ
k. मन
l. बुद्धि
m. अहंकार
n. चित्त
61.सही क्रम-
a. भाट्ट असदेवेदमग्र आसीत्”
b. चार्वाक् प्रज्ञानघन एवानन्दमयः
c. बौद्ध अन्योऽन्तर आत्मानन्दमयः
d. प्रभाकर अन्योऽन्तर आत्मा मनोमयः
62.…………नाम रज्जुविवर्तस्य सर्पस्य रज्जुमात्रत्ववद्वस्तुविवर्तस्यावस्तुनोऽज्ञानादेः प्रपञ्चस्य वस्तुमात्रत्वम्।
63.अतत्त्वतोऽन्यथाप्रथा ........ इत्युदीरितः।
64.सतत्त्वतोऽन्यथाप्रथा ..........इत्युदीरितः।
65.तत्त्वमसि यह महावाक्य कितने सम्बन्धों में अखण्ड अर्थ की प्रतीति कराता है?
66.तत्त्वमसि में कौन सी लक्षणा है?
67.लक्षणा कितनी है।
68.जहत् लक्षणा का उदाहरण क्या है?
69.अनुभवमहावाक्य कौन-सा है?
70.श्रवण के कितने भेद है नाम लिखों?
71.ब्रह्म के साक्षात्कार होने तक अपेक्षित अनुष्ठान कितने है?
72.निदिध्यासन से क्या अभिप्राय है?
73.समाधि कितनी है?
74.निर्विकल्पक समाधि में विघ्न कितने हैं? नाम क्या है?
75.वेदान्तसार में मोक्ष कितने प्रकार से होता है?
76.वेदान्तसार के अनुसार जीव के कितने शरीर है।
77.पञ्चकोशों के नाम बताईयें।
78.असत्य सत्य कब होता है।
१. विवर्तवाद
२. कार्यवाद
३. कारणवाद
४. विकारवाद
79.रज्जु का विवर्त क्या है?
१. रज्जु
२. सर्प
३. कुछ नहीं
४. कार्य
80.आचार्य शंकर के अनुसार अज्ञान क्या है?
१. अध्यारोप
२. अपवाद
३. अध्यास
४. हेत्वाभास०
81.वेदान्तसार में अनिर्वचनीय किसे बताया?
१. ज्ञान
२. विवेक
३. अज्ञान
४. सत्य
82.सही क्रम-
विक्षेप अखण्डवस्तनवलम्बनेन चित्तवृत्तेर्निद्रा
रसास्वाद अखण्डवस्त्वनवलम्बनेन चित्तवृत्तेरन्यावलम्बनम्
लय लयविक्षेपाभावेऽपि चित्तवृत्तेः रागादिवासनयास्तब्धीभावात् अखण्डवस्त्वनवलम्बनं कषायः
कषाय अखण्डवस्त्वनवलम्बनेनापि चित्तवृत्तेः सविकल्पकानन्दास्वादनं
83.सही क्रम
i. धारणा करचरणादिसंस्थानविशेषलक्षणानि पद्मस्वस्तिकादीनि।
ii. प्रत्याहार रेचकपूरककुम्भकलक्षणाः प्राणनिग्रहोपायाः।
iii. आसन इन्द्रियाणां स्वस्वविषयेभ्यः प्रत्याहरणम्।
iv. प्राणायाम अद्वितीयवस्तुन्यन्तरिन्द्रियधारणम्।
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